
बहुत हद तक संभव है, जब आपको यह पता चले कि राहु आपके अष्टम भाव में बैठा है तो आपकी आंखों से आंसू बह निकलें क्योंकि यह छाया ग्रह अपने अशुभ प्रभावों के कारण जातक के जीवन में कहर बरपाने के लिए जाना जाता है। राहु फिर चाहे किसी भी घर में मौजूद हो, वह जातक के जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अशांति पैदा कर सकता है। राहु की स्थिति का आप पर अक्सर नकारात्मक प्रभाव ही होता है इसलिए यह जरूरी है कि हम विशेषज्ञों की मदद से इसका विश्लेषण कराएं। राहु की उपस्थिति आपको मुश्किल में डाल सकती है। यदि राहु अष्टम भाव के स्वामी से जुड़ा हो तो यह आपको नकारात्मक परिणाम दे सकता है। यह आपके व्यावसायिक जीवन में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकता है। यह आपके वैवाहिक संबंध खराब कर सकता है। दोस्तों तो आइए इसके प्रभावों के बारे में जानने के लिए गहराई से इसका अध्ययन करें।
राहु अष्टम भाव में होने का ज्योतिषीय महत्व
अगर किसी व्यक्ति के आठवें घर में राहु बैठा हो तो उस व्यक्ति को जीवन में दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है। अष्टम भाव एक ऐसा स्थान है जहां जातक जोखिम लेने वाला बन सकता है क्योंकि अशुभ ग्रह स्वभाव से विनाशकारी और हिंसक होता है। आप कानूनी विवादों में फंस सकते हैं और आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। राहु का आठवें घर में होना यह संकेत भी देता है कि आप सट्टेबाजी या जुएं में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा यह आपकी आर्थिक, वित्तीय स्थिति को खराब कर सकता है।
राहु का अष्टम स्थान में होना आपके व्यावसायिक जीवन में सकारात्मक परिणाम नहीं देता है। बहुत संभव है कि आप अपने ऑफिस या काम करने के स्थान पर अपने सहकर्मियों के साथ लड़ाई या बहस में शामिल हो सकते हैं। इसके विपरीत राहु आठवें घर में आपको लीक से हटकर सोचने की क्षमता प्रदान कर सकता है। गोपनीय या खुफिया जानकारी एकत्र करने के लिए आप कुछ नया कर सकते हैं और जानकार बन सकते हैं और इसलिए आप एक जांच अधिकारी के रूप में या इसी तरह के पेशे में अपना कॅरियर बना सकते हैं।
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राहु का अष्टम भाव में प्रभाव
- व्यावसायिक जीवन
- कॅरियर और शिक्षा
- धन और वित्त
- रिश्ते
राहु अष्टम भाव में तो इसका आपके व्यक्तित्व पर प्रभाव
जिन जातकों के अष्टम भाव में राहु विराजमान हो उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति का खास ध्यान रखने की आवश्यकता है। आठवें घर में राहु की मौजूदगी हो तो जातक अक्सर अपने खर्चों को नियंत्रित नहीं कर पाते हैं। आप मानसिक तनाव या उच्च रक्तचाप जैसी सेहत से जुड़ी समस्याओं से भी जूझ सकते हैं। यही नहीं अगर राहु आठवें घर में बैठा है तो हो सकता है कि यह योग आपको अपनी अच्छी छवि बनाने में मदद ना करे। आपको ड्रग्स, शराब या अन्य व्यसन कि भी लत लग सकती है। इस योग का मतलब है कि राहु आपसे आपके व्यक्तित्व के नकारात्मक पक्ष को सामने रखने के लिए कह रहा है। हालांकि, यह योग जातक को प्रसिद्धि और लोकप्रियता अर्जित करने में बहुत कम मदद करता है।
राहु अष्टम भाव में तो इसका आपके वैवाहिक जीवन पर प्रभाव
राहु की यह स्थिति सिर्फ आपको एक ऐसा जीवनसाथी खोजने मे मदद कर सकती है जो धनी और अच्छे परिवार से सम्बन्ध रखता हो पर खुश मत होइए क्योंकि जैसे आप वैवाहिक जीवन में प्रवेश करेंगे तो आपके लिए फिर समस्या खड़ी होंगी और विवाह भी असफल होने कि सम्भावना से गुजरेगा। ऐसा आपके जीवनसाथी के जिद्दी होने के कारण हो सकता है या हो सकता है कि आप अपने जीवनसाथी के साथ आपसी समझबूझ न बना पाएं।
आपके और आपके साथी के बीच अंतरंग संबंधों में शांति, सद्भाव और प्रेम की कमी हो सकती है। आपको कम संतान की प्राप्ति हो सकती है। यह योग यह भी इंगित करता है कि आपके नवजात शिशु के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं या बच्चे के जन्म के दौरान, बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है। अष्टम भाव में राहु यह संकेत भी देता है कि आपका वैवाहिक जीवन अहंकार के टकराव की वजह से हिंसा से भरा हो सकता है। नतीजतन, आप दोनों अलग होने का फैसला भी कर सकते हैं।
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राहु अष्टम भाव में तो इसका आपके व्यावसायिक जीवन पर प्रभाव
राहु की इस स्थिति के साथ आपका व्यावसायिक जीवन बहुत ज्यादा तरक्की नहीं कर सकता और आप अपने कॅरियर में ज्यादा विकास नहीं कर सकते हैं। संभावना है कि आप तस्करी, अपहरण या भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल हों। ऐसी गैरकानूनी गतिविधियां आपको आपके व्यावसायिक रास्तों से भटका कर गलत रास्तों पर मोड़ सकती है। आपके जीवन में कॅरियर संबंधित लक्ष्यों की कमी होगी, और इसलिए आप वांछित प्रगति नहीं कर सकते हैं। अष्टम भाव में राहु आपको आपके पसंदीदा क्षेत्र से मीलों दूर रख सकता है।
अपने इन गुणों को ध्यान में रखते हुए आपको आपराधिक वकील, परीक्षक या जासूस के रूप में काम करने के अवसर मिल सकते हैं। आठवें घर में राहु की मौजूदगी आपको अपने व्यवसाय में उच्च स्थान प्राप्त करने में सदा आड़े आएगी। इसके अलावा आप मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम करना चुन सकते हैं।
राहु अष्टम भाव में हो तो उपाय
- राहु के प्रभाव को कम करने के लिए आपको अपने – घर के मंदिर में चांदी रखनी चाहिए।
- आपको चांदी पहनना शुरू करना चाहिए।
- आपको बिजली विभाग में काम करने से बचना – चाहिए।
- पालतू कुत्तों को पालें और शुक्रवार को उन्हें दूध दें।
नक्षत्र के अनुसार 8वें भाव में राहु का प्रभाव
नक्षत्र | 8वें भाव में राहु का प्रभाव |
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अश्विनी (Ashwini) | तेज बुद्धि, तंत्र-मंत्र में रुचि, अचानक धन लाभ |
भरणी (Bharani) | गुप्त संबंध, अत्यधिक इच्छाशक्ति, पुनर्जन्म में विश्वास |
कृत्तिका (Krittika) | विवादों से घिरा जीवन, असंतोष, सर्जरी में रुचि |
रोहिणी (Rohini) | भौतिक सुख-सुविधाओं की लालसा, अति भोग-विलास |
मृगशिरा (Mrigashira) | यात्रा प्रिय, मानसिक अस्थिरता, रहस्यवाद की ओर झुकाव |
आर्द्रा (Ardra) | मानसिक अस्थिरता, असाधारण शोध क्षमता, विवादस्पद जीवन |
पुनर्वसू (Punarvasu) | आध्यात्मिक झुकाव, ज्ञान प्राप्ति की इच्छा, कर्म सुधार |
पुष्य (Pushya) | गुप्त ज्ञान की प्राप्ति, सामाजिक कार्यों में रुचि, गुरु से संबंध |
आश्लेषा (Ashlesha) | चतुर, छुपे हुए एजेंडा, मानसिक द्वंद्व |
मघा (Magha) | पूर्व जन्मों के कर्मों का प्रभाव, राजसिक प्रवृत्ति |
पूर्वाफाल्गुनी (Purva Phalguni) | विलासिता की ओर झुकाव, अस्थिर रिश्ते |
उत्तराफाल्गुनी (Uttara Phalguni) | परिवार से लाभ, करियर में सफलता |
हस्त (Hasta) | चालाक, धूर्त, राजनीति या व्यवसाय में सफल |
चित्रा (Chitra) | कलात्मक बुद्धि, गुप्त योजनाओं में रुचि |
स्वाति (Swati) | स्वतंत्र प्रवृत्ति, विदेश यात्रा, आर्थिक अस्थिरता |
विशाखा (Vishakha) | महत्वाकांक्षी, जुनूनी, आध्यात्मिक झुकाव |
अनुराधा (Anuradha) | मित्रों से सहयोग, सामाजिक प्रतिष्ठा |
ज्येष्ठा (Jyeshtha) | गुप्त धन की प्राप्ति, रहस्यमयी व्यक्तित्व |
मूल (Moola) | तंत्र-मंत्र में रुचि, पुनर्जन्म में विश्वास |
पूर्वाषाढ़ा (Purva Ashadha) | दृढ़ निश्चय, संघर्षपूर्ण जीवन |
उत्तराषाढ़ा (Uttara Ashadha) | बुद्धिमान, जीवन में संघर्ष के बाद सफलता |
श्रवण (Shravana) | परंपरागत ज्ञान, उच्च अध्ययन में रुचि |
धनिष्ठा (Dhanishta) | संगीत या कला में रुचि, अस्थिर संबंध |
शतभिषा (Shatabhisha) | रहस्यमय, वैज्ञानिक सोच, ज्योतिष में रुचि |
पूर्वाभाद्रपद (Purva Bhadrapada) | आध्यात्मिक शक्ति, तपस्वी प्रवृत्ति |
उत्तराभाद्रपद (Uttara Bhadrapada) | गंभीर, आत्मनियंत्रित, रहस्यवादी |
रेवती (Revati) | दयालु, यात्रा प्रिय, चिकित्सा या सेवा क्षेत्र में सफलता |
समापन
अंत में हम यह कह सकते हैं कि राहु का अष्टम भाव में होना जातक के लिए प्रतिकूल होता है। एक तरफ तो आपका व्यावसायिक जीवन अस्त-व्यस्त होने की संभावना है, तो दूसरी ओर आप अपने जीवनसाथी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध नहीं बना सकते हैं। यह योग आपको अपने व्यक्तित्व को बेहतर कभी नहीं बनाने देता और ज्यादातर वक्त आप अपने जीवन में आई बाधाओं से निपटने में व्यस्त रहेंगे।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ’s)
Q1. अष्टम भाव में राहु का क्या अर्थ होता है?
Ans. अष्टम भाव में राहु अचानक परिवर्तन, गुप्त धन, गूढ़ विद्याओं में रुचि और रहस्यमयी व्यक्तित्व को दर्शाता है। यह जीवन में अप्रत्याशित लाभ या हानि ला सकता है।
Q2. क्या अष्टम भाव में राहु शुभ होता है या अशुभ?
Ans. यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति मानी जाती है क्योंकि यह अस्थिरता, छिपे हुए भय और कर्मों के प्रभाव को दर्शाता है। लेकिन यदि राहु शुभ स्थिति में हो तो यह गहरी अंतर्दृष्टि, अनुसंधान कौशल और वित्तीय सफलता दिला सकता है।
Q3. अष्टम भाव में राहु का विवाह पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Ans. यह विवाह में गोपनीयता, विश्वास की समस्याएं और गलतफहमियाँ ला सकता है। यह दर्शाता है कि जीवनसाथी का बैकग्राउंड अलग हो सकता है या विवाह पारंपरिक तरीकों से न होकर असामान्य हो सकता है।