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पंचांग उर्फ ​​पंचांगम हिंदू कैलेंडर है जिसे भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। हिंदी पंचांग में मुख्य रूप से 5 घटक होते हैं, अर्थात् Tithi (चंद्र दिवस), Vara (सप्ताह का दिन) ), नक्षत्र (चंद्र हवेली), योग (चंद्र-सौर दिवस) और करण (आधा चंद्र दिवस)।

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शुक्लपक्ष षष्ठी

Thu, 03 Apr 2025

April

2081 कालयुक्त(Mumbai India)

Half sun सूर्योदय 06:29
Half sun सूर्यास्त 18:53
Half sun सूर्योदय
06:29
Half sun पक्ष
शुक्लपक्ष
Half sun सूर्यास्त
18:53
Half sun नक्षत्र
रोहिणी
Half sun तिथि
शुक्ल पक्ष षष्ठी upto 21:47
Half sun करण
कौलव
Half sun योग
सौभाग्य
Half sun राशि
वृषभ
Half sun वार
गुरुवार
Half sun राहु काल
14:14 to 15:47
Half sun यमघण्टा
06:29 to 08:02

त्यौहार कैलेंडर

सभी देखें

5 Apr

स्वामीनारायण जयंती

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पूरे देश में राम नवमी मनाई जाती है। भगवान श्री राम के जन्म को इस दिन बड़े हर्ष -उल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन इसी दिन स्वामीनारायण जयंती भी मनाया जाता है।

5 Apr

राम नवमी

भारतवर्ष में कई त्योहार में मनाएं जाते हैं, जिनमें से कुछ त्योहार ऐसे होते हैं, जिनके जाने के बाद फिर अगले साल उनके आने का इंतजार होने लगता है। ऐसे त्योहारों में शामिल है रामनवमी (Ramnavmi)।

7 Apr

कामदा एकादशी

चैत्र नवरात्रि के बाद आने वाले दिन को कामदा एकादशी के रूप में जाना जाता है। कामदा एकादशी को चैत्र शुक्ल एकादशी भी कहते हैं। हिंदू धर्म में, कामदा एकादशी भगवान विष्णु के एक अन्य अवतार, भगवान कृष्ण की पूजा करने का दिन है।

9 Apr

महावीर जयंती

जैन समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार महावीर जयंती है। इस दिन भगवान महावीर का जन्म हुआ था। वे जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान थे। जैन धर्म के अनुसार जो भावनाओं और इंद्रियों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं, वही तीर्थंकर कहलाते है।

10 Apr

पंगुनी उथिरम

पंगुनी उथिराम या मीना उत्तरा फाल्गुनी के नाम से जाने जाना वाला यह त्योहार भारत के तमिल भाषी क्षेत्रों में काफी लोकप्रिय है। यह स्कंद पुराण में वर्णित आठ महाव्रतों में से एक है।

11 Apr

हनुमान जयंती

हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस दिन संकटमोचन हनुमान का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन को त्योहार के रूप में मनाया जाता है।

13 Apr

बोहाग बिहू

बिहू असमिया समुदाय द्वारा मस्ती और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसके तीन प्रकार हैं, ‘बोहाग बिहू’, जिसे रोंगाली बिहू, ‘कोंगाली बिहू’ या कटि बिहू और ‘भोगली बिहू’ के नाम से भी जाना जाता है, जो माघ बिहू या मगहर दोमही के नाम से भी प्रसिद्ध है।

13 Apr

मेष संक्रांति

मेष संक्रांति 2025 के अनुष्ठान, तिथि और समय को जानें। साथ ही, इस शुभ दिन को मनाने का महत्व भी जानें।

13 Apr

पोहेला बोइशाख

बंगाल में नया साल बैसाख के महीने में पहले दिन को मनाया जाता है, जिसे पोईला बैसाख के नाम से जाना जाता है। पश्चिम बंगाल के अलावा यह त्रिपुरा, असम बांग्ला देश में मनाया जाता है।

13 Apr

बैसाखी

बैसाखी का उत्सव सिखों का एक प्रमुख त्योहार है। जो हर साल 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है। इस उत्सव का आयोजन सिख नव वर्ष की शुरुआत के उपलक्ष्य में किया जाता है। यह मुख्य रूप से पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा और भारत के उत्तरी क्षेत्र में मनाया जाता है।

13 Apr

विशु कानी

इस त्योहार का गहरा सांस्कृतिक महत्व है, और दुनिया भर में मलयाली हिंदू इसे उत्साह के साथ मनाते हैं। इसे बिसु के नाम से भी जाना जाता है और कर्नाटक के मैंगलोर और उडुपी जिलों में अप्रैल के दूसरे सप्ताह में इसे मनाया जाता है।

13 Apr

पुथांडु या तमिल नव वर्ष

तमिल वर्ष का पहला दिन पुंथाडु के नाम से जाना जाता है। इसे चिथिरई भी कहते हैं। इस दिन से तमिल नववर्ष की शुरुआत होती है। इसका दूसरा नाम वरुशा पिरप्पू भी होता है।

19 Apr

ईस्टर

ईसाई धर्म में ईस्टर को पवित्र समय-अवधि में से एक माना जाता है। ईस्टर के धार्मिक त्योहार को ग्रीक और लैटिन में ‘पास्का’ के नाम से भी जाना जाता है। ईसाई मानते हैं कि इसका मतलब है कि इजरायल के लोग मिस्र से भाग गए।

21 Apr

पृथ्वी दिवस

पृथ्वी दिवस एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन है जो मुख्य रूप से पर्यावरण की सुरक्षा पर केंद्रित है। 2025 में इस वार्षिक आयोजन की 55वीं वर्षगांठ है। इसकी थीम धरती को पुनःस्थापित करना है, जो यह बताता है कि जलवायु परिवर्तन ने कैसे हमारी प्राकृतिक प्रणाली को विकृत कर संकट बढाया है और कई घातक बीमारियों के साथ-साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था में दरार आ गई है।

23 Apr

वरूथिनी एकादशी

साल भर में जितनी भी एकादशी होती है, हिन्दू धर्म शास्त्र में उन सभी को करने का अलग-अलग स्थान और महत्व प्राप्त है। वरुथिनी एकादशी वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की तिथि को पड़ती है।

23 Apr

वल्लभाचार्य जयंती

श्री वल्लभाचार्य एक भारतीय दार्शनिक थे, जिन्होंने भारत के ब्रज क्षेत्र में वैष्णववाद के कृष्ण-केंद्रित पुष्टि संप्रदाय और शुद्ध अद्वैत दर्शन की स्थापना की। आज की दुनिया में, भगवान श्री कृष्ण के कई भक्तों का मानना है कि श्री वल्लभाचार्य ने गोवर्धन पर्वत पर प्रभु के दर्शन किए थे।

28 Apr

परशुराम जयंती

भगवान परशुराम ऋषि जमदग्नि और रेणुका के पुत्र हैं। उन्होंने देवी लक्ष्मी के अवतार धरणी से विवाह किया। इस ब्राह्मण योद्धा ने पृथ्वी पर बुरी ताकतों को खत्म करने के लिए जन्म लिया था।

29 Apr

अक्षय तृतीया

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया या आखा तीज का बहुत अधिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भाग्य की रेखाएं बदल जाती है।

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