होम » राशि चिन्ह » Compatibility » कन्या अनुकूलता (Virgo compatibility)
कन्या की अन्य राशि के साथ जोड़ी

कन्या की अन्य राशि के साथ जोड़ी

कन्या राशिचक्र का छठवीं राशि है। कन्या पृथ्वी तत्व की राशि है, और उसके स्वामी बुध है। कन्या का राशि चिह्न एक कन्या है, जो इस राशि के लोगों की इनर और आउटर ब्यूटी को दर्शाता है। कन्या राशि के लोग अपने हर काम में सुदंरता की खोज करते हैं। इस राशि के लोगों में एक और खास बात यह होती है कि वे कुछ खास बातें सदैव अपने मन में छिपाकर रखते हैं। उनकी सोच थोड़ी ट्रेडिशनल होती है और किसी भी काम को पूरी लगन के साथ करते हैं। हालांकि वे काफी इमोशनल होते है, जिससे उन्हें कई बार छोटी-छोटी चीजों का भी बुरा लग सकता है। उनकी लाइफ में अनुशासन का बड़ा महत्व होता है, जो उन्हें सफलता प्राप्त करने में भी मदद करता है। क्या वे अन्य राशियों के साथ अपने इन गुणों के साथ तालमेल बना पाते हैं? आइए आगे जानने का प्रयास करें कन्या की अन्य राशि के साथ जोड़ी में।

अन्य राशियों के साथ कन्या के संबंध

कन्या राशि के लोग मेहनती, उत्साही और परफेक्शनिस्ट होने के साथ ही काफी रोमांटिक भी होते हैं। पृथ्वी तत्व की राशि होने के कारण कन्या राशि के संबंधों में एक स्टेबिलिटी देखने को मिलती है। बुध द्वारा शासित होने के कारण कन्या अपने पार्टनर के सामने बड़ी ही खुबसूरती के साथ अपनी बात रख पाते हैं। कन्या में किसी को हराने या आगे निकलने की आदत नहीं होती, बल्कि वे अपनी भावनाओं को अधिक सौम्य तरीके से लोगों तक पहुंचाने में विश्वास करते हैं। अन्य राशियों के लोगों को कन्या की सौम्यता, सरलता और केयरिंग नेचर का लाभ मिलता है। आइए राशियों के तत्व को आधार मानकर कन्या की अन्य राशि के साथ जोड़ी का आकलन करें।

अग्नि तत्व की राशियों के साथ कन्या के संबंध

कन्या – मेष अनुकूलता

कन्या और मेष दो प्रतिकूल तत्वों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां कन्या पृथ्वी तत्व को रिप्रेजेंट करता है, वहीं मेष का संबंध अग्नि तत्व से होता है। आधार तत्व की यह प्रतिकूलता कन्या और मेष के संबंधों को जटिल बनाने का काम करती है। अपने रिश्तों को सुचारू बनाए रखने के लिए कन्या और मेष दोनों को अपनी ओर से गंभीर प्रयास करने की जरूरत है। हालांकि कन्या और मेष के राशि स्वामी क्रमशः बुध और मंगल जरूर आपके रिश्ते को मजबूती देने का करेंगे। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध और मंगल का मेल कन्या और मेष को अपने जीवन के चुनौतीपूर्ण समय का एक साथ सामना करने की क्षमता देता है। हालांकि इसके बवजूद कंपेटिबिलिटी चार्ट पर कन्या और मेष की संगतता अधिक प्रभावित करने वाली नहीं होती।

कन्या - मेष अनुकूलता
कन्या – सिंह अनुकूलता

कन्या और सिंह के संबंध भी पृथ्वी और अग्नि तत्वों पर आधारित है, इसलिए इन्हें भी अपने रिश्ते में एक तालमेल बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि वे दोनों भावुक हैं और एक उनमें अपने साथी को प्यार करने की जबरदस्त क्षमता होती है। लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें एक-दूसरे के साथ तालमेल बैठाने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी के साथ उनके राशि स्वामी भी उन्हें एक-दूसरे के साथ संबंधों में स्टेबिलिटी प्राप्त करने में मदद करते हैं। कई बार कन्या और सिंह राशि के लोग एक दूसरे का विश्वास और समर्थन खो देते है, इससे उनके रिश्ते को लगातार चलने में परेशानी होती है। हालांकि फिर भी कन्या और सिंह के रिश्ते कंपेटिबिलिटी चार्ट पर नाॅर्मल नजर आते हैं।

क्या आप पार्टनर के साथ एक आदर्श मैच के इच्छुक हैं? राशि चक्र अनुकूलता विश्लेषण

कन्या - सिंह अनुकूलता
कन्या – धनु अनुकूलता

कन्या और धनु राशि के लोगों का मिलन अधिक सफल दिखाई नहीं देता है। कन्या और धनु की जोड़ी को उन सभी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जो अग्नि और पृथ्वी के बीच हो सकती हैं। कन्या और धनु को अपने रिश्ते मजबूत और निरंतर बनाए रखने के लिए अपने लक्ष्यों को एक करना होगा, जिससे उन्हें एक साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकें। कन्या और धनु के संबंधों पर उनके स्वामी ग्रह शनि और बुध का भी विपरीत प्रभाव देखने को मिलता है, जिससे उनके रिश्ते और अधिक खराब हो सकते हैं। शनि और बुध की जोड़ी कन्या और धनु राशि के जोड़े को आशंकित और भ्रमित कर सकती है। इसी के साथ धनु और कन्या अपने गुणों के आधार पर भी एक-दूसरे से बिल्कुल अलग नजर आते हैं और उनके बीच किसी भी प्रकार की समानता खोज पाना एक मुश्किल काम हो सकता है।

कन्या - धनु अनुकूलता

पृथ्वी तत्व की राशियों के साथ कन्या के सबंध

कन्या – वृषभ अनुकूलता

कन्या और वृषभ दोनों ही पृथ्वी तत्व की राशियां है, इनके आपसी संबंध काफी बेहतर और मधुर हो सकते हैं। वे दोनों ही अपने गुणों और आचार-विचार के आधार पर भी एक-दूसरे के अनुकूल नजर आते हैं। पृथ्वी तत्व की राशियां होने के कारण कन्या और वृषभ दोनों ही एक दूसरे के साथ अच्छे से कनेक्ट कर पाते हैं, इससे उन्हें अपने रिश्ते में स्टेबिलिटी बनाए रखने में मदद मिलती है। इसी के साथ उनके राशि स्वामी भी उन्हेें एक दूसरे के साथ अच्छी अनुकूलता प्राप्त करने में मदद करते हैं।

कन्या - वृषभ अनुकूलता
कन्या – कन्या अनुकूलता

किसी रिश्ते में कन्या – कन्या की मौजूदगी एक अच्छा संकेत हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें अपने जीवन में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। बल्कि दो कन्या राशियों का किसी एक रिश्ते में आना कई मायनों में उन्हें एक दूसरे के लिए त्याग और बलिदान करने की जरूरतों को दर्शाता है। यदि वे दोनों पार्टनर एक दूसरे के साथ रिश्ता बनाए रखने के लिए सेक्रीफायी करने के लिए तैयार है तो उन्हें पाॅजिटिव रिजल्ट मिलने की पूरी संभावना है। बुध की दोहरी पावर के साथ तैयार हुए कन्या और कन्या के इन संबंधों को अपने रिश्ते में स्टेबिलिटी और अनुकूलता प्राप्त करने के लिए कड़े गंभीर प्रयास करने होंगे।

कन्या - कन्या अनुकूलता
कन्या और मकर अनुकूलता

कन्या और मकर राशि के लोगों में लंबे समय तक संबंध बनाए रखने की क्षमता होती है। आप दोनों अपने रिश्ते को उत्साह के साथ आगे बढ़ाने का काम करते हैं। कन्या और मकर दोनों ही राशियों के लोग कभी कुछ नया ट्राय करने से पीछे नहीं हटते। कन्या और मकर अपने राशि स्वामी ग्रहों के कारण भी रिश्तों में उतार चढ़ाव का सामना कर सकते हैं। हालांकि इन सब परेशानियों के बावजूद भी कन्या और मकर के संबंध बेहतर होने की संभावना रखते हैं। जीवन के विवाह जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में कन्या और मकर का प्रदर्शन बेहतर होने की संभावना है।

कन्या और मकर अनुकूलता

वायु तत्व की राशियों के साथ कन्या के संबंध

कन्या – मिथुन अनुकूलता

कन्या और मिथुन राशि के लोगों में एक साथ मिलकर बेहतर जोड़ी बनाने की अद्भुत क्षमता होती है। कन्या और मिथुन एक-दूसरे के पूरक की तरह काम कर सकते है। मिथुन के साथ रिश्तों में आई कन्या राशि को इस बात का अच्छा खासा नाॅलेज होता है कि कैसे मिथुन का मार्गदर्शन और पालन पोषण करना है। वहीं मिथुन कन्या के सेल्फ-काॅन्फिडेंस को बढ़ाने का काम करता है। इतने सारे पूरक गुणों के साथ कन्या और मिथुन की जोड़ी जीवन के लगभग हर क्षेत्र में बेहतर करने की संभावना रखती है। कम्युनिकेशन के स्वामी बुध द्वारा शासित होने के कारण कन्या और मिथुन के बीच जबरदस्त वोकल और इमोशनल कम्युनिकेशन देखने को मिलता है। जिससे उन्हें अपने रिश्ते को अधिक मजबूत करने में मदद मिलती है।

कन्या - मिथुन अनुकूलता
कन्या – तुला अनुकूलता

कन्या और तुला आकाशीय पड़ोसी होने के साथ अपने विचारों और महत्वाकांक्षाएं भी एक-दूसरे के साथ साझा करते हैं। कन्या और तुला की जोड़ी कम्युनिकेशन और प्रेम के स्वामी क्रमशः बुध और शुक्र द्वारा शासित की जाती है। राशि स्वामी ग्रहों की अनुकूलता का प्रभाव कन्या और तुला के रिश्तों पर भी देखने को मिलता है और उनकी जोड़ी अपने रिश्ते में मजबूत स्टेबिलिटी और निरंतरता प्राप्त कर पाती है। हालांकि अपने आधार तत्व के अनुसार पृथ्वी और वायु तत्व कन्या और तुला के बीच होने वाली कुछ असहमतियों को भी प्रदर्शित करते हैं। फिर भी कंपेटिबिलिटी चार्ट पर कन्या और तुला के संबंधों को एवरेज माना जा सकता है।

कन्या - तुला अनुकूलता
कन्या – कुंभ अनुकूलता

कन्या और कुंभ राशि के व्यक्तियों का लक्ष्य अपनी लाइफ में परफेक्शन प्राप्त करना होता है। वे दानों ही एक दयालु और इमोशन है, जो उन्हें सहजता से एक दूसरे के प्यार में पड़ने के लिए समान धरातल देने का काम करता है। हालांकि पृथ्वी और वायु तत्वों से संबंधित होने के कारण उन्हें अपने रिश्तों में कुछ परेशानियों सामना भी करना पड़ता है, जिससे उन्हें लाॅन्ग टर्म रिश्ते स्थापित करने में मुश्किलें झेलनी पड़ सकती है।

कन्या - कुंभ अनुकूलता

जल तत्व राशियों के साथ कन्या के संबंध

कन्या – कर्क अनुकूलता

कन्या और कर्क राशि के बीच हर तरह की कैमिस्ट्री अच्छी तरह से संतुलित होती है। दोनों राशियों के लोग अपने पार्टनर की हर भावनात्मक जरूरत को अच्छे से समझते हैं और उन्हें एक सहज और स्थिर संबंध स्थापित करने में हेल्प करते हैं। जल और पृथ्वी का तत्वों का मूल में होना भी कन्या और कर्क के रिश्तों को सपोर्ट करने का काम करता है। कन्या और कर्क किसी रिश्ते बड़ी ही आसानी से एक-दूसरे के साथ तालमेल बना पाते हैं, जो उनके रिश्तों को लगातार चलाने में मदद करता है।

कन्या - कर्क अनुकूलता
कन्या और वृश्चिक अनुकूलता

कन्या और वृश्चिक के बीच के संबंध उनकी कर्म प्रधानता का प्रतीक होते हैं। इन दोनों ही राशियों के लोगों में एक स्वस्थ संबंध स्थापित करने के लिए जरूरी सभी गुण पाए जाते हैं। फिर भी आपको अपने रिश्तों में बची हुई नेगेविटी को खत्म कर अपने मतभेदों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। पृथ्वी और जल तत्व से संबंधित होने कारण कन्या और वृश्चिक में स्वाभाविक रूप से एक दूसरे के साथ तालमेल बैठाने क्षमता होती है। एक दूसरे के लिए अधिक से अधिक से अधिक समर्पण और देखरेख भी कन्या और वृश्चिक के रिश्तों को अनुकूल बनाने का काम करती है। कंपेटिबिलिटी चार्ट पर कन्या और वृश्चिक की अनुकूलता एवरेज से उच्च नजर आती है।

कन्या और वृश्चिक अनुकूलता
कन्या और मीन अनुकूलता

कन्या और मीन का मिलन एक शानदान और दीर्घकालिक जोड़ी बनाने का काम करता है। कन्या राशि के लोग अच्छे पोषणकर्ता और मिलनसार होते हैं, जबकि आपका मीन पार्टनर आपके संबंधों में प्रेम, उत्साह और खुशी को जोड़ने का काम करता है। राशि स्वामी ग्रहों के दृष्टिकोण से देखें तो बुध और गुरु का काॅम्बो कन्या और मीन को अपने रिश्तों को अधिक सहज बनाने के लिए एक दूसरे के फैसलों का सम्मान करने की सलाह देता है। यदि वे दोनों एक-दूसरे के नजरिए को अच्छे से समझ पाते हैं तो इससे उनके रिश्ते मजबूत और लंबे समय तक चलने की संभावना रखते हैं। निष्कर्ष के तौर पर कह सकते है कि कंपेटिबिलिटी चार्ट पर कन्या और मीन के संबंध काफी अच्छे नंबंर प्राप्त करते हैं।

कन्या और मीन अनुकूलता

कन्या के लिए अधिक अनुकूल राशियां

कन्या के लिए बेस्ट मैच – वृषभ, कर्क, वृश्चिक और मकर

  • कन्या राशि के लोग अपने स्वभाव से शर्मीले और आत्मनिर्भर होते हैं, उन्हें किसी भी अन्य राशि की अपेक्षा दोस्ती का प्रस्ताव स्वीकार करने में सामान्य से अधिक समय लगता है।
  • यदि हम कन्या राशि के गुण दोषों के आधार पर अन्य राशियों के साथ उनके संबंधों का आकलन करें तो उनके संबंध वृषभ, कर्क, वृश्चिक और मकर के साथ बेहतर होने की संभावना है।
  • कन्या और वृषभ राशि के लोगों में एक स्वाभाविक संबंध देखने को मिलता है, जो आपके रिश्ते को स्टेबल और सेफ बनाने का काम करता है।
  • इसी के साथ आपके कर्क और वृश्चिक राशि के लोगों के साथ भी बहुत बेहतर संबंध हो सकते हैं, क्योंकि इन राशियों के साथ आप बहुत भी सजह ढंग से कम्युनिकेशन कर पाते हैं।
  • इसके अलावा मकर राशि के लोगों के साथ भी आपके संबंध मजबूत और सजह हो सकते हैं, क्योंकि आपके बीच की समानताएं आपको एक दूसरे के साथ अच्छा तालमेल स्थापित करने में मदद करती है।

कन्या राशि के लिए कम अनुकूल राशियां

कन्या के लिए प्रतिकूल राशियां – मिथुन और धनु

  • कन्या राशि के लोगों को राशिचक्र की कुछ परफेक्शनिस्ट राशियों में से एक माना जाता है।
  • कन्या को अपने जीवन में हर चीज परफेक्ट चाहिए होती है, वहीं मिथुन और धनु के लिए यह सहज नहीं हो सकता।
  • मिथुन और धनु दोनों ही स्वतंत्र विचार वाले मूड़ी लोग होते हैं, और कन्या के स्वभाव के साथ तालमेल बैठाने में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • इसी के साथ कन्या राशि के लोग कड़ी मेहनत के साथ अपने लक्ष्यों का पीछा करते हैं, वहीं मिथुन और धनु दोनों ही अपने लक्ष्यों के बारे में अस्पष्ट होते हैं।
  • मिथुन और धनु दोनों ही कन्या के दृष्टिकोण में लापरवाह होते हैं, जिससे कन्या को नफरत होती है।
  • मिथुन और धनु का यह लापरवाही भरा रवैया उन्हें एक दूसरे के विपरीत करने करने का काम करेगा।
  • कभी कभी उनके आपसी विरोधाभास इतने बढ़ सकते हैं कि वे एक दूसरे को अपना दुश्मन भी समझ सकते हैं।

अपने जीवन की भविष्यवाणियों के बारे में अधिक जानें। हमारे ज्योतिषियों से बात करें

कन्या मित्रता संगतता – अपने लिए बेस्ट दोस्त चुनें

  • कन्या राशि के लोग अपने जीवन में सभी के साथ मिलते जुलते हैं और विचारों से खुले होते हैं।
  • जब किसी दोस्त या साथी को चुनने की बात आती है, तो कन्या राशि वाले लोग बेहद चुनिंदा होते हैं।
  • कन्या की मित्रता वृषभ, कर्क, वृश्चिक और मकर राशियों के साथ बेहतर ढंग से मेल खाती है।
  • वृषभ और कर्क राशियों के साथ अपके संबंध अधिक अधिक सजह रहेंगे, क्योंकि वे ये दोनों ही राशियां आपकी विचार प्रक्रिया के साथ अच्छे से मेल खाती है।
  • वहीं इसके विपरीत वृश्चिक और मकर कन्या के साथ दोस्ती के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं होते।
  • इन दोनों ही राशियों के लोगों में कन्या से विपरीत गुण पाये जाते हैं, जो दोस्ती सहित अन्य किसी भी रिश्ते में अनुकूलता प्राप्त करने से रोकता है।

कन्या प्रेम अनुकूलता – प्रेम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ साथी चुनें

  • कन्या राशि के लोगों में प्रेम की मजबूत भावना होती है, वे अपने स्नेहपूर्ण और देखभाल करने वाला स्वभाव के कारण अपने पार्टनर का दिल जीतने में सक्षम होते हैं।
  • कन्या के साथ लव रिलेशन में वृषभ, कर्क, वृश्चिक और मकर अधिक अनुकूल नजर आते हैं। इन राशियों के साथ कन्या एक बेहतर संबंध बनाने की क्षमता रखते हैं।
  • वृषभ और वृश्चिक राशि के साथ कन्या का ईमानदारी और वफादारी का संबंध होता है, इस गुण के साथ उनकी बहुत जोड़ी प्रेम को लगातार बनाए रखने की क्षमता रखती है।
  • वहीं कर्क और मकर की विचारधारा के साथ अच्छे से मैच कर पाने के कारण कन्या राशि के लोग अच्छे और मजबूत संबंध बना पाते हैं।

सिंह वैवाहिक अनुकूलता – जानिए विवाह के लिए सबसे अनुकूल राशि

  • कन्या राशि के लोग प्रैक्टिकल सोच वाले होते हैं, वे अपने लाइफ पार्टनर के साथ एक सार्थक मैरिड लाइफ बिताने की इच्छा रखते हैं।
  • कन्या राशि के लोगों के साथ वृषभ, कर्क, वृश्चिक और मकर राशियां अच्छे से ट्यूनिंग बना पाती है, जिससे इनका वैवाहिक जीवन लंबा और अनुकूल हो जाता है।
  • वृषभ और कर्क राशियों के साथ कन्या के नेचुरल रिलेशन होते हैं, और वे एक दूसरे के साथ स्वभाविक रूप से जुड़े होते हैं।
  • वहीं वृश्चिक और मकर के गुणों के साथ कन्या अच्छे से फिट होते है, जो उन्हें एक-दूसरे के साथ अधिक बेहतर संबंध स्थापित करने में मदद करता है।

निष्कर्ष

अनुकूलता या प्रतिकूलता दो लोगों के बीच के संबंधों को जानने का एक मात्र प्रमाणिक तरीका है। वैदिक ज्योतिष के कुछ नियमों का उपयोग कर आप दो लोगों के बीच के संबंधों को बेहतर ढंग से जान पाते हैं। अनुकूलता का आकलन करना एक क्रिटिकल काम है, इसलिए ज्योतिष में भी इसे अलग-अलग स्तर पर पूरा किया जाता है। आधार तत्व, राशि स्वामी और गुण दोष इनमें से कुछ मुख्य मानदंड हैं। इन पैमानों के आधार पर ही दो लोगों के बीच की अनुकूलता का आकलन किया जा सकता है। इन्हीं प्रमुख आधारों पर कन्या राशि का आकलन कर हमने अन्य राशियों के साथ उनके संबंधों को मापा है। कन्या की अन्य राशि के साथ जोड़ी के माध्यम से आप अपने लिए एक बेहतर दोस्त, प्रेमी या जीवन साथी की खोज कर कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ’s)

Q1. कन्या राशि की सबसे अच्छी संगतता किन राशियों के साथ होती है?

Ans. कन्या राशि की सबसे अच्छी संगतता वृषभ (Taurus), मकर (Capricorn), और कर्क (Cancer) राशि के जातकों के साथ होती है। ये राशियाँ कन्या राशि की व्यावहारिकता और स्थिरता को समझती हैं।

Q2. कन्या राशि प्रेम में कैसी होती है?

Ans. कन्या राशि वाले प्रेम में वफादार, देखभाल करने वाले और भरोसेमंद होते हैं। वे दिखावे से ज्यादा भावनात्मक स्थिरता को महत्व देते हैं।

Q3. कन्या राशि वाले लोगों के लिए विवाह के लिए शुभ समय क्या है?

Ans. ज्योतिषीय दृष्टि से, शुक्र और गुरु की अनुकूल स्थिति कन्या राशि के जातकों के लिए विवाह के लिए शुभ होती है। विवाह के लिए पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त चुनना सबसे अच्छा रहता है।